एक बार NITJ के इतिहास मैं एक ऐसा दौर आया,
हर तरफ नियम, आदेश और क़ानून का घनघोर अँधेरा छाया..
जब सारे छात्र मचा रहे थे त्राहिमाम त्राहिमाम की पुकार,
तब Admin Block की छत्त पर खुद मनमोहन सिंह जी ने लिया अवतार..!!
उनकी भी आँखे भर आई सुनकर बच्चों की व्यथा की दास्तान,
एक ही दिन में चमत्कार का दे गए वो आश्वस्त वरदान..
अगले ही सुबह canteen में एक भारी चमत्कार हो गया,
मेरे दोस्तों ये समझ लो कॉलेज का उद्धार हो गया..!!
सोचा था अब तो दूर हो जायेंगे हमारे सारे संकट,
क्यूंकि देश के सारे महान नेता जो हो गए थे यहाँ प्रकट..
प्रकट होते ही वो समझ बैठे इसे भी राजनीति का दलदल,
कुर्सी की तरह branch हथियाने को शुरू हो गया इनका दंगल..!!
सबसे पहले बाज़ी मारी सुश्री बहनजी मायावती ने,
धड़ल्ले से घुस गयी Software Engineering में..
प्रसन्न थी वो कॉलेज का शीर्षक नाम पढ़कर "Dr. B.R. Ambedkar..!!"
फिर भी सहमी हुई class से बोली बड़े अकड़कर ---
"इस बरांच का नाम किसन रखा SOFTWARE..??
लगता है इसमें मुलायम का षड़यंत्र है,
तभी तो इतने कठिन विषय में मुलायम (soft) नामक तंत्र है..
बड़े बड़े नाम बदले हैं मैंने, इसका भी बदल दूँगी,
शून्य और एक (0 & 1) की माया में फंसे इस विषय को में MAYAWARE कर दूँगी..!!
इस साड़ी हलचल से दूर चल रही थी ठहाको की एक रेल,
ECE के पढ़ाकू विमानों का हो रहा था भगवान लालू जी से मेल..
लालू जी गर्व से बोले.. "हम IIM में पढ़ाया हूँ तो NIT का क्या कहना,
बोलो क्या पढना है Microprocessor या Antenna..??
सुनकर लालूजी का lecture सारे 9 Pointers के पसीने छूट गए,
फुसफुसाकर आपस में बोले - "यार अपने तो भाग्य फूट गए..!!"
फिर तो ECE की class में कुछ ऐसी हुई पढाई,
लालू जी ने जैसे एक पतीले में इतिहास, भूगोल, साहित्य और राजनीति की खिचड़ी पकाई..!!
इन सब से एक मंजिल ऊपर, हमेशा की तरह छाया था खुशियों का समां,
Mass Bunk का मोर्चा लिए सारे robot हुए थे gallery में जमा..
उनकी चिंता जैसे ही मतदान पेटी में समायी थी,
तब खुद सोनिया जिन पूरे कैबिनेट के साथ वहां आई थी..
एक चपल नज़र चारों और फिर कर,
बोली सब से बड़ा इतरा कर..
"कौन कहता है की नारी आरक्षण विधेयक अभी तक पास नहीं हुआ?
तो बतायिए इस branch में छात्राओं का अनुपात इतना ज्यादा कैसे हुआ?
देखो मैं रोज़ इतना ऊपर चढ़ कर नहीं आ सकती.. कुछ करवायिए,
या तो इस department को नीचे ले जाए या इस building मैं lift लगवाइए..!!
चलिए अब अपनी नज़र को IT sector से थोडा बाहर निकाले,
चलकर Mechanical में विपक्ष का मोर्चा संभाले..
पहुंचे Mechanical तो क्या देखा - HOD की कुर्सी पर विराजमान थे कुंवारे अटल,
बोले - "एक बार मुझे सत्ता में आ जाने दो,
एक बार मेरे कमल को हाथ पर भारी पड़ जाने दो..
फिर इस branch में मायूसी का न रहेगा एक भी पल,
सिर्फ छात्राए ही नहीं अध्यापिकाओ का भी होगा यहाँ 50 % आरक्षण..!!"
अगर अभी तक मन नहीं भरा तो देखिये एक और चमत्कार,
मनमोहन जी के इस वरदान में भी हो गया था भ्रस्टाचार..!!
पता नहीं इन राजनेताओं की किस्मत किस देवता ने संवारी है?
तभी तो Textile के पर्दों में से महारानी मल्लिका पधारी हैं..
पहुँचते ही सबके आश्चर्य का कर दिया समाधान,
राजनीति तक पहुँचने का रास्ता भी कर दिया आसान..
बोली - "देखिये आज नहीं तो कल ये योंवन ढल जायेगा,
तब सिर्फ राजनीति का दामन ही तो काम आएगा,
क्यूँ न TExtile Technology में एक ऐसा वस्त्र बनाये Perfect ,
जो ढक दे हमारी राजनीति के सारे Side Effects ..
क्या हुआ जो हमारे देश की सुंदरियाँ कम वस्त्रों में नज़र आएँगी,
कम से कम बचे हुए कपडे से इस राजनीति की सारी गन्दगी तो ढक जायेगी..!!
चलिए मेरी और आपकी तो बहुत हो गयी बात,
अब ज़रा अपनी Faculty से भी कर ले एक मुलाक़ात..
बहुत ढूँढा Campus में पर नहीं मिले एक भी श्रीमान,
तभी पता चला सभी भड़ा रहे थे एक साथ लोकसभा का सम्मान..
आज तो लोकसभा की हर कुर्सी घमंड से इतराई थी,
क्यूंकि पहले बार देश की इतनी पढ़ी लिखी जनता जो उन में समायी थी..!!
थोड़ी ही देर में सारे अध्यापकों की शामत आई थी,
खुद मनमोहन जी ने उनकी class जो लगायी थी..
प्रधानमंत्री जी ने समझाया -
"देखिये सज्जनों.. बच्चों के साथ नहीं करते इतनी सख्ती इतना प्रतिबन्ध,
बच्चों को लगता है जैसे वो है किसी जेल में बंध..
अब जल्दी से कीजिये इनकी आज़ादी का प्रभंद,
Gate timing , Attendance और Bidipur जैसी समस्याओं का कर दीजिये सरल अंत..!!
तभी एक बार फिर से NITJ के प्रांगन में फिर से मचा हाहाकार,
राजनेताओं के भाषण से सारे बच्चे हो गए थे लाचार..
देख के बच्चो की दयनीय दशा मनमोहन जी फिर से हुए प्रकट,
मुस्कुराते हुए खेल गए राजनीति की भ्रष्ट हरकत..
"देखो.. आज़ादी अधिकार और इमानदारी तो सब मोह-माया है,
जुगाड़ से ही चलती इस देश की छिद्र वाली नय्या है..
याद रखना.. आइन्दा न करना मुझसे त्राहिमाम की गुहार,
वरना अगली बार संसद से नहीं तिहार जेल से आएगी सीढ़ी बहार..!!